केंद्र सरकार ने लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन के उत्पादन में तेजी लाने के लिए पांच कंपनियों को लाइसेंस दिया।
केंद्र सरकार ने लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन के उत्पादन में तेजी लाने के लिए पांच कंपनियों को लाइसेंस दिया इसका उपयोग काले फंगस या म्यूकोर्मिकोसिस के इलाज के लिए किया जाता है।
सूत्रों के अनुसार, जब प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह दवा दुनिया में कहीं से भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे, उसके बाद दुनिया भर में भारतीय मिशन एम्फोटेरिसिन बी (एमबिसोम) शीशियों की आपूर्ति हासिल करने में लगे हुए हैं। अमेरिका में गिलियड साइंसेज माइलान के जरिए भारत को एंबिसोम की आपूर्ति में तेजी लाने पर काम कर रहा है।
AmBisome की 1,21,000 से अधिक शीशियां अब तक भारत पहुंच चुकी हैं और दवा की 85,000 शीशियां रास्ते में हैं।
कंपनी माइलान के जरिए भारत को एंबिसोम की 10 लाख खुराक की आपूर्ति करेगी।
केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा ने कल जानकारी दी कि म्यूकोर्मिकोसिस के इलाज में इस्तेमाल होने वाले एम्फोटेरिसिन बी की अतिरिक्त 29,250 शीशियों को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके इलाज के तहत मरीजों की संख्या के आधार पर आवंटित किया गया था।
इससे पहले, 24 मई को एम्फोटेरिसिन-बी की अतिरिक्त 19,420 शीशियों का आवंटन किया गया था और 21 मई को देश भर में दवा की 23,680 शीशियों की आपूर्ति की गई थी, यह जानकारी रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने दी।
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