सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं
खबरें
कलकत्ता नारदा स्टिंग:- चारों नेताओं ने आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
कलकत्ता हाईकोर्ट के वकील कल्याण बनर्जी इस मामले को मुख्य न्यायाधीश के संज्ञान में लाएंगे, ताकि कल रात इन चारों की जमानत पर कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा दी गई रोक के मामले की सुनवाई हो सके।
इस मुद्दे पर सीबीआई ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है क्योंकि कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा 4 टीएमसी नेताओं के जमानत आदेश पर रोक लगाने के बाद निजाम पैलेस (सीबीआई कार्यालय) में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर है।
गौरतलब है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में टीएमसी के नेता फिरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा, पूर्व टीएमसी नेता एवं कोलकाता के पूर्व महापौर सोवन चटर्जी को जमानत दे दी थी लेकिन कलकत्ता उच्च न्यायालय ने जल्द ही निचली अदालत के आदेश पर रोक लगा दी।
उच्च न्यायालय ने 16 अप्रैल 2017 को स्टिंग ऑपरेशन की जांच सीबीआई को करने के निर्देश दिए। बाद में एक विशेष अदालत ने तृणमूल कांग्रेस के नेता और राज्य के मंत्रियों फिरहाद हकीम तथा सुब्रत मुखर्जी, पार्टी विधायक मदन मित्रा और पार्टी के पूर्व नेता तथा कोलकाता के पूर्व मेयर सोवन चटर्जी को जमानत दे दी सीबीआई ने चारों नेताओं और आईपीएस अधिकारी एसएमएच मिर्जा के खिलाफ अपना आरोप-पत्र दाखिल किया था।
उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि विशेष अदालत के आदेश पर रोक लगाना ही सही होगा न्यायालय ने अगले आदेश तक सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजने का भी आदेश दिया था।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें