सुप्रीम कोर्ट ने जनसंख्या नियंत्रण पर एक जनहित याचिका में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को पार्टी बनाया।
सुप्रीम कोर्ट में देश की बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने व दो-बच्चे के आदर्श सहित कुछ और मांगे की गई हैं। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने भाजपा नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की इस याचिका पर 7 मई को निर्देश पारित किया था, जिन्होंने अपनी जनहित याचिका में गृह मंत्रालय के स्थान पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को पार्टी बनाने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय के स्थान पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को पार्टी बनाने की मांग मंजूर करते हुए इस केस में सुनवाई की अगली तारीख 5 जुलाई 2021 नियत की है।
अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की थी जिसमें देश की बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए दो-बच्चे आदर्श सहित कुछ अन्य मांग को खारिज कर दिया था।
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