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महाराष्ट्र एटीएस ने मुम्बई के नागपाड़ा से 7c यूरेनियम के साथ जिगर जयेश पंड्या और अबू ताहिर को गिरफ्तार किया।
महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने मुंबई में 21 करोड़ रुपये के 7 किलोग्राम प्राकृतिक यूरेनियम के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यूरेनियम का उपयोग परमाणु विस्फोटक बनाने के लिए किया जाता है।
महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) टीम को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि कुछ लोग यूरेनियम को भारी मात्रा में बेचने के लिए संभावित खरीदार की तलाश कर रहे थे। तब एटीएस ने जाल बिछाया गया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अबू ताहिर अफजल हुसैन चौधरी और जिगर जयेश पंड्या के रूप में की गई है।
मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए, आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने 27 वर्षीय ठाणे निवासी जिगर पांड्या को इस साल 14 फरवरी को मूल्यवान पदार्थ के कुछ छोटे टुकड़ों के साथ गिरफ्तार किया था। पांड्या कथित तौर पर अवैध रूप से इसे बेचने की कोशिश कर रहा था और एक संभावित ग्राहक की तलाश में था।
बाद में एटीएस ने चौधरी को मानखुर्द में कुर्ला स्क्रैप एसोसिएशन के परिसर से गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से 7.100 किलोग्राम प्राकृतिक यूरेनियम जब्त किया। ऐसा माना जाता है कि आरोपियों ने इसकी शुद्धता की जांच के लिए एक निजी प्रयोगशाला से अपना यूरेनियम परीक्षण करवाया। एटीएस ने कहा कि अधिकारी गिरफ्तार किए गए लोगों से आगे की कड़ी का पता लगाने के लिए पूछताछ कर रहे हैं।
एटीएस ने बुधवार को क्षेत्रीय निदेशक, मध्य क्षेत्र, एटॉमिक मिनरल्स डायरेक्टोरेट ऑफ रिसर्च ऑफ एक्सप्लोरेशन ऑफ रिसर्च, नागपुर की शिकायत के आधार पर एटॉमिक एनर्जी एक्ट -1962 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया।
दोनों आरोपियों को एक स्थानीय अदालत में एटीएस द्वारा पेश किया गया , जिसके बाद दोनों आरोपियों को 12 मई तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया गया।
जब्त यूरेनियम को ट्रॉम्बे स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में विश्लेषण के लिए भेजा गया। अनुसंधान केंद्र से प्राप्त रिपोर्ट में बतााा गया की पदार्थ प्राकृतिक यूरेनियम था, जो "अत्यधिक रेडियोधर्मी और मानव जीवन के लिए खतरनाक है।
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