बाराबंकी प्रकरण :- विवादित भवन ध्वस्तीकरण मामले सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश शासन द्वारा त्रिस्तरीय जांच समिति गठित की गई।
राम सनेही घाट तहसील परिसर के प्रकरण में शासकीय संपत्ति पर अनियमित तरीके से अवैध इकाई का निर्माण करने तथा इसके संदर्भ में फर्जी अभिलेखों के आधार पर पंजीकरण कराए जाने के संबंध में उत्तर प्रदेश शासन स्तर पर त्रिस्तरीय जांच समिति गठित की गई है।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा समिति में शिवकांत द्विवेदी विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ उत्तर प्रदेश को अध्यक्ष, राहुल गुप्ता उपनिदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण लखनऊ मंडल लखनऊ व उपनिदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण अयोध्या मंडल अयोध्या को सदस्य नामित किया है।
विदित हो कि सुन्नी वफ्फ बोर्ड द्वारा फर्जीवाड़ा कर सरकारी जमीन पर कब्जा करने के आरोप में FIR हुई थी दर्ज।
उक्त FIR मुश्ताक अली, वकील अहमद, मो0अनीश, मो0 मुश्तकिम खजिम, दस्तगीर, अफजाल, मो0 नसीम व तत्कालीन निरीक्षक मो0 तहा व अन्य को नामजद किया गया है। जिसमे रामसनेही घाट प्रकरण में उपजिलाधिकारी आवास के सामने अवैध रूप से निर्मित इकाई को बिना राजस्व विभाग की रिपोर्ट प्राप्त किये वक्फ संपत्ति घोषित की गई, जिसके खिलाफ ये FIR दर्ज हुई। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि उक्त इकाई अवैध तरीक़े से सरकारी जमीन पर बनाई गई थी। इनके इस कृत्य में तत्कालीन निरीक्षक मो0 ताहा उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड लखनऊ व अन्य की मिलीभगत तहसीलदार रामसनेही बाराबंकी द्वारा जाँच में प्रमाणित हुई है। इस FIR के दर्ज होने के बाद से सभी नामजद अभियुक्त फरार है।
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