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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमिश्नरी सभागार, गोंडा में जनपद के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।प्रेसवार्ता में कही ये बात।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने महामारी के प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
प्रेसवार्ता में योगी आदित्यनाथ ने कही ये बात।
आदरणीय PM श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में पूरे देश में कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई के अपेक्षित परिणाम मिल रहे हैं।
सबसे बड़ी आबादी वाले उत्तर प्रदेश में ट्रेस, टेस्ट एंड ट्रीट मंत्र के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। आज उत्तर प्रदेश प्रतिदिन 03 लाख से अधिक टेस्ट कर रहा है। पिछले 24 घंटे में 3.26 लाख से अधिक टेस्ट हुए हैं। प्रदेश में अब तक 4.67 करोड़ से अधिक टेस्ट किए जा चुके हैं। प्रदेश में टेस्ट की क्षमता को काफी विकसित किया गया है।
प्रदेश में 02 अप्रैल, 2020 को जब पहला कोविड मरीज मिला था, तब हमारे पास टेस्ट करने की सुविधा नहीं थी। कोविड-19 की फर्स्ट वेव से पहले हमारे पास आइसोलेशन और ICU बेड्स की पर्याप्त क्षमता नहीं थी।
26 जनपद ऐसे थे, जहां एक भी वेंटिलेटर नहीं था। लेकिन भारत सरकार के सहयोग से आज हर जनपद में वेंटिलेटर, HFNC, ऑक्सीजन युक्त बेड्स उपलब्ध है।
हमने कोविड-19 की पहली लहर में L1, L2 व L3 बेड्स पर्याप्त संख्या में बढ़ाए। दूसरी लहर में प्रदेश में 80 हजार वेंटिलेटर एवं ऑक्सीजन युक्त बेड्स की क्षमता का विस्तार किया गया।
कोविड मरीजों को नि:शुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में पॉजिटिविटी रेट की जो दर 17% के आस-पास पहुंच गई थी, वह आज 02% के आस-पास है। एक्टिव केसेज की संख्या घटकर सिर्फ 76 हजार रह गई है। डेली केसलोड, जो 38 हजार तक पहुंच गया था, वह पिछले 24 घंटे में लगभग 3,900 नए केसेज तक सीमित हो गया है।
हर हॉस्पिटल में ऑक्सीजन प्लांट या ऑक्सीजन कंसंट्रेटर होगा। यह कार्यवाही युद्धस्तर पर चल रही है। मैं अपने सभी जनप्रतिनिधियों को धन्यवाद दूंगा, जिन्होंने विकास निधि का उपयोग अपने-अपने जनपदों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए किया। भविष्य में प्रत्येक जनपद मेडिकल ऑक्सीजन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होगा।
मेरी सभी जनप्रतिनिधियों से अपील है कि वह अपने क्षेत्रों में एक-एक हॉस्पिटल को गोद ले लें। अपनी निधि का उपयोग हॉस्पिटल्स में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए करें। शासन भी इसके लिए आपको धनराशि उपलब्ध कराएगा।
हमने थर्ड वेव की आशंका पर प्राथमिकता तय की है।
12 वर्ष तक के बच्चों के अभिभावकों को चिह्नित करके 'अभिभावक स्पेशल बूथ' स्थापित कर उनको वैक्सीनेट किया जाएगा।
प्रदेश में अभी तक 23 जनपदों में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को कोविड वैक्सीन दी जा रही है। 01 जून से हम सभी जनपद में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन उपलब्ध कराएंगे।
प्रत्येक व्यक्ति के जीवन एवं जीविका को बचाने हेतु प्रदेश में लॉकडाउन की जगह आंशिक कोरोना कर्फ्यू लागू किया गया है। इस कर्फ्यू में सभी जरूरी सेवाएं यथावत जारी है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के अंतर्गत वर्तमान में मई और जून माह का राशन वितरित हो रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार भी प्रत्येक जरूरतमंद को जून, जुलाई एवं अगस्त माह में नि:शुल्क राशन उपलब्ध कराएगी।इससे करीब 15 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे।
कम्युनिटी किचन के माध्यम से प्रदेश में प्रत्येक जरूरतमंद एवं कोविड मरीजों के परिजनों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रमिक, रिक्शा चालक, नाई जैसे रोज कमाकर अपनी जीविका चलाने वालों के लिए भरण-पोषण भत्ते की व्यवस्था की गई है।
गोंडा ने कोविड-19 की दूसरी लहर का सफलतापूर्वक सामना किया है।पॉजिटिविटी रेट लगातार नीचे गया है, रिकवरी रेट बढ़ रहा है।जनपद में बेहतर तरीके से कोविड-19 का मुकाबला किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
हम इस सदी की सबसे बड़ी महामारी का सामना कर रहे हैं। परिणाम संतोषजनक हैं, लेकिन अभी लापरवाही नहीं करनी है।
हाई रिस्क कैटेगिरी के लोग घर से बाहर न निकलें।
मास्क जरूर पहनें, दो गज की दूरी का पालन करें, वैक्सीन जरूर लगवाएं।
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