प्रधानमंत्री ने COVID19 के कारण माता-पिता या अभिभावक दोनों को खोने वाले सभी बच्चों के लिये 'पीएम-केयर्स फॉर चिल्ड्रन' योजना शुरू की।
सरकार ने शनिवार को कोरोनावायरस महामारी से प्रभावित बच्चों की सहायता के लिए कई घोषणा की। कोविड -19 के कारण अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों का सहायता करने के लिए उठाए जा सकने वाले कदमों पर चर्चा और विचार-विमर्श करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में ये निर्णय लिए गए।
प्रेस विज्ञप्ति👇
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नरेंद्र मोदी ने कहा, "बच्चे देश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं और देश बच्चों का सहायता और सुरक्षा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा ताकि वे मजबूत नागरिक के रूप में विकसित हों और उनका भविष्य उज्जवल हो।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे कठिन समय में एक समाज के रूप में हमारा कर्तव्य है कि हम अपने बच्चों की देखभाल करें और एक उज्ज्वल भविष्य की आशा जगाएं।
सभी बच्चे जिन्होंने कोविड-19 के कारण माता-पिता या जीवित माता-पिता या कानूनी अभिभावक, दत्तक माता-पिता दोनों को खो दिया है, उन्हें 'पीएम-केयर्स फॉर चिल्ड्रन' योजना के तहत सहायता दी जाएगी।
मोदी ने कहा कि जिन उपायों की घोषणा की जा रही है, वे केवल पीएम केयर्स फंड में जनता के उदार योगदान के कारण संभव हुए हैं जो कोविड -19 के खिलाफ भारत की लड़ाई का समर्थन करेगा।
इन उपायों के बीच, कोविड प्रभावित बच्चों के सहायता और सशक्तिकरण के लिए "पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन" योजना शुरू की गई।
इस योजना में मिलने वाले लाभ में शामिल हैं:
👉बच्चों को 18 साल की उम्र तक मासिक वजीफा सहायता और 23 साल की उम्र में पीएम केयर्स से 10 लाख रुपये का फंड मिलेगा।
👉कोविड के कारण अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों के लिए नि:शुल्क शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
👉बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए शिक्षा ऋण दिलाने में मदद की जाएगी और पीएम केयर्स ऋण पर ब्याज का भुगतान करेगा।
👉बच्चों को आयुष्मान भारत के तहत 18 साल तक 5 लाख रुपये का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा मिलेगा और प्रीमियम का भुगतान पीएम केयर्स द्वारा किया जाएगा।
बच्चे के नाम पर सावधि जमा योजना:
👉पीएम केयर्स 18 वर्ष की आयु तक पहुंचने वाले प्रत्येक बच्चे के लिए 10 लाख रुपये का कोष बनाने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई योजना के माध्यम से योगदान देगा।
👉 यह कोष 18 वर्ष की आयु से मासिक वित्तीय सहायता / वजीफा देने के लिए उपयोग किया जाएगा, अगले पांच वर्षों के लिए उच्च शिक्षा की अवधि के दौरान अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं की देखभाल के लिए और
👉23 वर्ष की आयु तक पहुंचने पर, उसे व्यक्तिगत और व्यावसायिक उपयोग के लिए एकमुश्त के रूप में कॉर्पस राशि मिलेगी।
स्कूली शिक्षा: 10 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए
👉बच्चे को नजदीकी केन्द्रीय विद्यालय या निजी स्कूल में डे स्कॉलर के रूप में प्रवेश दिया जाएगा।
👉 अगर बच्चे का दाखिला किसी निजी स्कूल में होता है तो पीएम केयर्स से आरटीई के नियमों के मुताबिक फीस दी जाएगी।
👉पीएम केयर्स स्कूल यूनिफॉर्म, पाठ्य पुस्तकों और नोटबुक पर खर्च के लिए भी भुगतान करेगा।
उच्च शिक्षा के लिए सहायता:
👉मौजूदा शिक्षा ऋण मानदंडों के अनुसार भारत में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों / उच्च शिक्षा के लिए शिक्षा ऋण प्राप्त करने में बच्चे की सहायता की जाएगी। इस ऋण पर ब्याज का भुगतान पीएम केयर्स द्वारा किया जाएगा।
👉विकल्प के रूप में ऐसे बच्चों को केंद्र या राज्य सरकार की योजनाओं के तहत स्नातक/व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षण शुल्क/पाठ्यक्रम शुल्क के बराबर छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
👉 जो बच्चे मौजूदा छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत पात्र नहीं हैं, उनके लिए पीएम केयर्स एक समान छात्रवृत्ति प्रदान करेगा।
स्वास्थ्य बीमा
👉 सभी बच्चों को आयुष्मान भारत योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत लाभार्थी के रूप में नामांकित किया जाएगा, जिसमें 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर होगा।
👉पीएम केयर्स द्वारा 18 वर्ष की आयु तक के इन बच्चों के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम राशि का भुगतान किया जाएगा।
👉ऐसे बच्चों को 18 साल की उम्र तक मासिक वजीफा और 23 साल की उम्र में पीएम केयर्स से 10 लाख रुपये का फंड मिलेगा।
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