संस्कृत भाषा के प्रतिष्ठित साहित्यकार, महामहोपाध्याय पंडित रेवा प्रसाद द्विवेदी जी 21मई 2021, को रात्रि 11:30 बजे गोलोकधाम प्रस्थान कर गए, श्रद्धांजलि एवं सादर नमन!
द्विवेदी जी 43 साल की उम्र में भारत के राष्ट्रपति (1978) द्वारा सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर प्राप्त करने वाले सबसे कम उम्र के विजेता थे। उन्होंने संस्कृत के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार, तीन रत्न पुरस्कार और पी.वी. द एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ मुंबई से केन गोल्ड मेडल प्राप्त हो चुका है। मुंबई की एशियाटिक सोसाइटी ने भी पंडित जी को अपनी मानद फैलोशिप से सम्मानित किया।
इनके द्वारा रचित एक महाकाव्य स्वातंत्र्य संभवम् के लिये उन्हें सन् 1991 में साहित्य अकादमी पुरस्कार व अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था।
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