यूपी : 12वीं तक के सभी स्कूल नही लेंगे बढ़ी हुई फीस ...
#सरकार ने जारी किया शासनादेश।


उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शासनादेश जारी कर कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न असाधारण परिस्थितियों को दृष्टिगत प्रदेश में संचालित समस्त शिक्षा बोर्डों के समस्त विद्यालयों द्वारा ली जाने वाली शुल्क को नियमित करने एवं विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक/कर्मचारियों के वेतन/ पारिश्रमिक का भुगतान किए जाने के संबंध में आदेश जारी किए गए।
आदेश के महत्वपूर्ण बिंदु:- - प्रदेश में संचालित समस्त शिक्षा बोर्डों के समस्त विद्यालयों द्वारा शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए शुल्क वृद्धि न करते हुए पिछले वर्ष की भांति शैक्षिक सत्र 2019-20 हेतु लागू की गई शुल्क संरचना के अनुसार ही छात्र-छात्राओं से शुल्क लिया जाए। यदि किसी विद्यालय में बढ़ी हुई फीस ली है तो बढ़ी हुई दरों से लिए गए अतिरिक्त शुल्क को आगामी महीने के स्वरूप में समायोजित किया जाएगा।
- जब तक विद्यालयों में भौतिक रूप से ऑफलाइन परीक्षा संपादित नहीं की जा रही है। तक तक परीक्षा शुल्क छात्रों से ना लिया जाए। इसी प्रकार विद्यालय बंद रहने की अवधि में जब तक क्रीडा, विज्ञान, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, कंप्यूटर, वार्षिक फंक्शन इत्यादि संबंधित गतिविधियां नहीं हो रही है तब तक उक्त गतिविधियों से संबंधित किसी प्रकार का शुल्क एवं परिवहन शुल्क छात्रों से ना लिया जाए।
- किसी भी छात्र अभिभावक को यदि 3 माह का शुल्क जमा करने में कठिनाई हो तो छात्र अभिभावक के अनुरोध पर उनसे मासिक शुल्क लिया जाए तथा 3 माह का अग्रिम शुल्क जमा करने के लिए बाध्य न किया जाए।
- यदि कोई छात्र एवं उसके परिवार के सदस्य माता पिता भाई बहन कोविड-19 से संक्रमित हैं तथा उन्हें किसी महीने शुल्क को देने में कठिनाई हो रही है तो उनके लिखित अनुरोध पर विद्यालय द्वारा उस महीने का शुल्क अग्रिम महीनों की शुल्क में किस्तों के रूप में समायोजित किया जाए।
- विद्यालयों में कार्यरत समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों को नियमित रूप से पारिश्रमिक वेतन का भुगतान संबंधित विद्यालय के प्रबंधक प्रधानाचार्य द्वारा सुनिश्चित किया जाए उपरोक्त आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
यदि स्कूलों द्वारा इस आदेश का पालन नही किया जाता है तो इसकी शिकायत आप अपने जिले के जिलाधिकारी या जिला विद्यालय निरीक्षक से कर सकते है।
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