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पिछले वर्ष काबुल के गुरुद्वारे पर हमला करने वाला ISIS आतंकवादी अबू बक्र अल-हिन्दी(केरल का एक इंजीनियर) लीबिया में मारा गया।
मिली जानकारी के अनुसार ISIS आतंकवादी अबू बक्र अल-हिन्दी, केरल का एक इंजीनियर, जिसने बाद में ISIS के संपर्क में आने के बाद, खाड़ी में काम करते हुए इस्लाम धर्म ग्रहण कर लिया था। यह आतंकी लीबिया में मारा गया है।
पिछले वर्ष काबुल में ISIS आतंकवादी अबू बक्र अल-हिन्दी द्वारा गुरुद्वारे पर आतंकवादी हमला किया गया था जिसमे कम से कम 25 लोग (ज्यादातर सिख) मारे गए और 8 अन्य घायल हो गए थे।
इस आतंकी हमले के पहले, आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट की समाचार एजेंसी, अमाक ने आतंकवादी अबू खालिद अल-हिंदी (क्योंकि वह भारतीय था) का वीडियो जारी किया था, जब वह काबुल में सिखों का नरसंहार करने जा रहा था।
आतंकवादी खालिद ने यह वीडियो उस वाहन में रिकॉर्ड किया था, जिसमें वह गुरुद्वारे की ओर हमला करने के लिए जा रहा था।
आतंकवादी कहता हैं, मैं आतंकवादी कृत्य करने के लिए गंतव्य की ओर बढ़ रहा हूं और आप काफिरों (सिखों) के मारे जाने की खुशखबरी सुनेंगे, आप खुशखबरी सुनेंगे, खालिद इसे दोहरा रहा था। यह अंतिम परीक्षा नहीं है।
हमले के संबंध में आतंकवादी समूह तालिबान बयान जारी कर इस हमले से इनकार किया था, उनका कहना था उसका इस हमले से कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट आईएसआईएस ने काबुल में गुरुद्वारे पर हमले की जिम्मेदारी ली थी।
जिसमे खालिद-अल-हिन्दी का नाम सामने आया था। ये केरल के कासरगोड का रहने वाला था, जो साल 2015 में अफगानिस्तान में जाकर इस्लामिक स्टेट का आतंकी बन गया था।अपनी साप्ताहिक अल-नबा पत्रिका में, आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट ने काबुल में सिखगुरुद्वारे पर आतंकवादी हमला करने वाले आतंकवादी की तस्वीर प्रकाशित की थी। पत्रिका के एक लेख के अनुसार, अबू खालिद अल-हिंदी ने गुरीद्वारे पर हमले को कश्मीरी मुसलमानों के लिए बदले की कार्रवाई के रूप में अंजाम दिया था।
मिली जानकारी के अनुसार ISIS आतंकवादी अबू बक्र अल-हिन्दी, केरल का एक इंजीनियर, जिसने बाद में ISIS के संपर्क में आने के बाद, खाड़ी में काम करते हुए इस्लाम धर्म ग्रहण कर लिया था। यह आतंकी लीबिया में मारा गया है।
पिछले वर्ष काबुल में ISIS आतंकवादी अबू बक्र अल-हिन्दी द्वारा गुरुद्वारे पर आतंकवादी हमला किया गया था जिसमे कम से कम 25 लोग (ज्यादातर सिख) मारे गए और 8 अन्य घायल हो गए थे।
आतंकवादी कहता हैं, मैं आतंकवादी कृत्य करने के लिए गंतव्य की ओर बढ़ रहा हूं और आप काफिरों (सिखों) के मारे जाने की खुशखबरी सुनेंगे, आप खुशखबरी सुनेंगे, खालिद इसे दोहरा रहा था। यह अंतिम परीक्षा नहीं है।
हमले के संबंध में आतंकवादी समूह तालिबान बयान जारी कर इस हमले से इनकार किया था, उनका कहना था उसका इस हमले से कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट आईएसआईएस ने काबुल में गुरुद्वारे पर हमले की जिम्मेदारी ली थी।
जिसमे खालिद-अल-हिन्दी का नाम सामने आया था। ये केरल के कासरगोड का रहने वाला था, जो साल 2015 में अफगानिस्तान में जाकर इस्लामिक स्टेट का आतंकी बन गया था।
अपनी साप्ताहिक अल-नबा पत्रिका में, आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट ने काबुल में सिखगुरुद्वारे पर आतंकवादी हमला करने वाले आतंकवादी की तस्वीर प्रकाशित की थी। पत्रिका के एक लेख के अनुसार, अबू खालिद अल-हिंदी ने गुरीद्वारे पर हमले को कश्मीरी मुसलमानों के लिए बदले की कार्रवाई के रूप में अंजाम दिया था।






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