भारतीय मूल के 12 वर्षीय अभिमन्यु मिश्रा दुनिया के सबसे युवा शतरंज के ग्रैंडमास्टर बन गए।
अमेरिका में रहने वाले अभिमन्यु के पिता हेमंत एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है ने कहा कि यह एक सपने जैसा था, जिसे अभिमन्यु ने पूरा किया।
हालांकि शतरंज के प्रथम 10 खिलाड़ियों में भारत के तरफ से गुकेश डोम्राजु तीसरे, प्रज्ञानानंद रमेशबाबू पाँचवे, परिमार्जुन नेगी सातवे व रौनक साधवानी दसवे स्थान पर रहे।
सन 1950 से अबतक सबसे कम उम्र के शतरंज ग्रैंडमास्टर।
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